राजा टोडरमल से सीखे प्रबंधन और प्रोफेशन :
राजा टोडरमल से सीखे प्रबंधन और प्रोफेशन : किसी टास्क पर फोकस होने पर व्यक्ति किस तरह से मगन हो जाता है ये राजा टोडरमल की माता ने बताया था। राजा टोडरमल एक ग्रन्थ लिख रहे थे जिसका नाम था "मोक्षमार्ग" | राजा साहब इस ग्रन्थ को लिखने में इतने खो गए थे की रात दिन एक कर दिया था। लंबे अंतराल के बाद एक दिन वह अपनी मां के साथ भोजन करने बैठे। मां ने बड़े प्रेम से टोडरमल को सब्जी परोसी, चपातियां दीं। टोडरमल ने एक टुकड़ा खाया, दूसरा टुकड़ा खाया और वह अचानक रुक गए। मां ने पूछा, ‘बेटा! क्या बात है? क्या आज तुम्हें सब्जी अच्छी नहीं लग रही है?’ टोडरमल ने सहजता से जवाब दिया, ‘नहीं मां, ऐसी बात नहीं है। मुझे लग रहा है कि आज आप सब्जी में नमक डालना भूल गई हैं।’ माँ ने आश्चर्य चकित होकर पूछा क्या तेरा ग्रन्थ पूरा हो गया है। टोडरमल बोले हां पर माँ तुझे कैसे अंदाजा लगा। माँ ने बड़े प्यार से बोली की मै जानबूझकर तेरे भोजन में नमक नहीं डाल रही थी ताकि इस बहाने तुझ से बात करने का मौका मिले। लेकिन तुझे इतने समय तक ध्यान ही नहीं आ...